ट्रंप का नोबेल सपना टूटा, सोशल मीडिया पर मज़ाक की बरसात
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नोबेल शांति पुरस्कार का सपना इस साल (2025) चूरन हो गया। नोबेल कमेटी ने शांति का पुरस्कार वेनेजुएला की लोकतंत्र समर्थक नेता मारिया कोरिना मचाडो को दिया।
सोशल मीडिया पर ट्रंप के फैंस और आलोचक फनी कमेंट्स की बरसात कर रहे हैं। ट्विटर और इंस्टाग्राम पर लोग उनके मज़ाक उड़ा रहे हैं।
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रॉबिन राजस्थानी नामक यूजर ने लिखा: “ट्रंप ने नोबेल को चूरन समझ रखा था।”
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कोस्तूव ने मज़ाक में कहा: “नोबेल के ऐलान के बाद ट्रंप पाकिस्तान की सड़कों पर आइसक्रीम बेचते दिखे।”
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एनके गुप्ता ने ट्वीट किया: “बधाई हो! 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार ट्रंप को दिया गया…अगर मीडिया कुछ और कहे तो मत मानना।”
नोबेल पुरस्कार ऐलान से पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी ट्रंप के पक्ष में बयान दिया था, जिससे पूरी दुनिया हैरान रह गई।
सोशल मीडिया पर इस विषय ने ट्रेंडिंग टॉपिक की जगह बना ली है और लोग मज़ाक के साथ-साथ अपने क्रिएटिव मीम्स शेयर कर रहे हैं।
